इजराइल और हमास की जंग में चाहे कोई भी इस युद्ध को जीते लेकिन इसमें ये कहना गलत नी होगा कि इसमें इंसानियत सरमसर हो रही है। इसमे हजारों की संख्या में दोनों देशो के
क्या ये सवाभिमान की लड़ाई है या फिर ये एक जिद की लड़ाई है इसमें मानवता कहां है इसके लिए बड़े देशों को सोचना पड़ेगा।
वो देश जो अपने ऐप को दुनिया का लीडर मानता है इसमें उनकी क्या भूमिका होनी चाहिए थी, वो देश अगर कुछ और सोचता तो कहता इस लड़ाई को रोका जा सकता था
इजराइल का लक्ष्य है हमास का खात्मा क्यों दुनिया के सभी देशो ने उसको आतंकवादी संगठन घोसित कर रखा है। सभी तरह से पार्टिबंद लगा कर हमास को सरेंडर करने का मजबूर क्या जा सकता है।